बिहार में जाति-सांप्रदाय सूचक अश्लील गीत के गायक अजीत बिहारी की गिरफ्तारी, आंदोलन की जीत-बंदना सिंह।

कुशवाहा-यादव-मुस्लिम समेत तमाम जातिसूचक गाने हटे सोशल साइट्स से- ऐपवा।

कुशवाहा, यादव, मुस्लिम, माली, नुनिया, चमार समेत अन्य कई जाति- सांप्रदाय के महिलाओं,बहन, बेटियों को टारगेट कर “माल” बताकर गाए गये जातिसूचक, फुहर, अश्लील गीत को सोशल साइट्स पर डालकर समाज में जहर फैलाने के खिलाफ ऐपवा, इंसाफ मंच, जन संस्कृति मंच, माले आदि द्वारा जारी ताजपुर- समस्तीपुर के सांझे आंदोलन ने रंग लाया, बाध्य होकर आरोपी गायक अजीत बिहारी को बुधवार को तड़के पटना पुलिस ने हाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया है.
अश्लील गीत के खिलाफ जारी आंदोलन की भाकपा माले नेत्री सह ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने बताया कि सुबह जगते ही पहले फोन से आंदोलन की जीत के लिए बधाई संदेश मिलने लगा फिर आवास पर आकर बड़ी संख्या में लोगों ने आंदोलन की हुई इस जीत के लिए बधाई देने का सिलसिला जारी है. बधाई देने आए लोगों को संबोधित करते हुए ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा कि हमेशा आंदोलन की जीत होती रही है. बस हमें लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आंदोलन चलाने की जरूरत है. हजारों आंदोलन को सक्रिय नेतृत्व देने वाली महिला अधिकार कार्यकर्ता श्रीमती सिंह ने कहा कि सिर्फ अजीत बिहारी को गिरफ्तार कर लेने से ये मसला समाप्त नहीं होगा. जाति- सांप्रदाय सूचक, महिलाओं, बहन, बेटियों को अपमानित करने वाले तमाम गीत- गाने, दृश्य आदि सोशल साइट्स आदि से हटाया जाए, इसे लिखने, गाने, बजाने पर प्रतिबंध लगे, गायक पर एफआईआर दर्ज हो, गिरफ्तारी हो वरना महिलाओं की लूटे जा रहे ईज्जत- आबरू की रक्षा के लिए आंदोलन और तेज होगा. उन्होंने तल्ख़ी भरे तेवर में कहा कि इसके कारण भी महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटना बढ़ी है.
विदित हो कि उक्त अश्लील गीत के खिलाफ सबसे पहले ताजपुर- समस्तीपुर से आंदोलन की शुरूआत चर्चित महिला नेत्री बंदना सिंह ने किया था. गंभीरता को देखते हुए भाकपा माले विधायक अजीत कुशवाहा द्वारा इस मामले को सदन में उठाया गया था. इसके बाद सरकार ने बस, टेम्पू, ट्रक आदि गाड़ियों में ऐसे गाने बजाने पर आरोपी पर कारबाई करने को लिखा था. इसी संदर्भ में बुधवार को पटना पुलिस ने हाजीपुर से गायक अजीत बिहारी को गिरफ्तार कर लिया।

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